NEET पेपर लीक विवाद के बीच धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, CJP बोली—‘झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए’
25 July 2026 • 10:42 am

नई दिल्ली। NEET-UG 2026 पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी देशव्यापी विरोध-प्रदर्शनों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार, 25 जुलाई 2026 को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर युवाओं के नाम दो पन्नों का पत्र साझा करते हुए अपने फैसले की जानकारी दी।

धर्मेंद्र प्रधान ने पत्र में कहा कि NEET-UG परीक्षा में अनियमितताएं सामने आने के बाद केंद्र सरकार ने मामले की जांच CBI को सौंपी, परीक्षा रद्द की और दोबारा परीक्षा आयोजित कराई। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने शुरुआत से अपनी जिम्मेदारी स्वीकार की और परिस्थितियों से पीछे नहीं हटे। पत्र में उन्होंने कुछ जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों पर विद्यार्थियों को भ्रमित करने का आरोप भी लगाया।

प्रधान के इस्तीफे के बाद दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख अभिजीत दीपके ने इसे आंदोलन और लोकतंत्र की जीत बताया। उन्होंने कहा, “वे कहते थे कि इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते, लेकिन झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए।”
हालांकि, संगठन ने आंदोलन समाप्त करने से इनकार किया है। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि पेपर लीक और परीक्षा विवाद के दौरान जान गंवाने वाले विद्यार्थियों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए, छात्रों एवं प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं और कथित पुलिस ज्यादती के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।
इससे एक दिन पहले नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने आंतरिक कार्रवाई करते हुए 47 अधिकारियों की सेवाएं समाप्त कर दी थीं। कुछ अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक एवं कानूनी कार्रवाई की तैयारी भी की जा रही है। सरकार ने NTA की आउटसोर्सिंग व्यवस्था और तकनीकी प्रणाली में व्यापक बदलाव के संकेत दिए हैं।
NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले की जांच CBI कर रही है। जांच एजेंसी अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है और उनके खिलाफ आरोपपत्र दाखिल करने की तैयारी कर रही है।
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में से एक था। इसके बावजूद जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे संगठनों का कहना है कि परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार, पीड़ित परिवारों को न्याय और प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई कार्रवाई के मुद्दे का समाधान होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

