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सागर 2 days ago

“GYANTAVYA 2026” का भव्य फाइनल संपन्न, प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को किया गया सम्मानित

13 June 2026 03:49 pm

ज्ञानवीर विश्वविद्यालय के वार्षिक सांस्कृतिक कार्यक्रम “GYANTAVYA 2026” का भव्य फाइनल 13 जून 2026 को विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम में सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने नृत्य, गायन, नाटक, कविता, भाषण एवं अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. राकेश सोनी, डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर से उपस्थित रहे। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री आदित्य सिंह राजपूत, कुलगुरु प्रो. महेश प्रसाद शुक्ला, विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों का उत्साह देखने योग्य था तथा सभी प्रस्तुतियों को दर्शकों द्वारा खूब सराहा गया।

कार्यक्रम की विभिन्न प्रतियोगितियों के मूल्यांकन हेतु निर्णायक मंडल में शुभम शरण एवं अतुल पथरोल, डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर से जजेस के रूप में उपस्थित रहे, जिन्होंने सभी प्रस्तुतियों का निष्पक्ष मूल्यांकन किया। प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर कुलाधिपति श्री आदित्य सिंह राजपूत ने कहा कि “GYANTAVYA” विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का एक उत्कृष्ट मंच प्रदान करता है। पढ़ाई के साथ-साथ इस प्रकार की गतिविधियाँ विद्यार्थियों के आत्मविश्वास एवं व्यक्तित्व विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। सभी प्रतिभागी बधाई के पात्र हैं। कुलगुरु प्रो. महेश प्रसाद शुक्ला ने अपने संबोधन में कहा कि “विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से यह सिद्ध किया है कि उनमें प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। विश्वविद्यालय भविष्य में भी ऐसे आयोजनों के माध्यम से विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करता रहेगा। कार्यक्रम की रूपरेखा एवं मंच संचालन डॉ. रूपम बुंदेला द्वारा किया गया। कार्यक्रम के अंत में डॉ. लेखन लोधी द्वारा सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं उपस्थितजनों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया गया। GYANTAVYA 2026 का यह भव्य फाइनल विद्यार्थियों की प्रतिभा, रचनात्मकता एवं सांस्कृतिक समृद्धि का शानदार उत्सव साबित हुआ।