इंदौर में सम्पन्न हुआ अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन परिषद का 39वां राष्ट्रीय अधिवेशन
3 May 2026 • 06:25 am

इंदौर में 2 मई को अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन परिषद का 39वां राष्ट्रीय अधिवेशन अनिल पारसदास जैन की अध्यक्षता में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। अधिवेशन से पूर्व आयोजित राष्ट्रीय प्रबंधकारिणी समिति की बैठक में सर्वसम्मति से उनके अध्यक्ष पद पर मनोनयन को स्वीकृति दी गई, जिसके बाद सुरेश जैन (आईएएस, भोपाल) ने उन्हें शपथ दिलाई।

नवनियुक्त अध्यक्ष अनिल जैन ने परिषद की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए पंचकल्याणक में होने वाले अपव्यय को रोककर जनकल्याण कार्यों में लगाने पर जोर दिया। मुख्य अतिथि सागर विधायक शैलेन्द्र जैन ने परिषद के 103 वर्ष पुराने गौरवशाली इतिहास को रेखांकित करते हुए महिला सशक्तिकरण पर बल दिया। वहीं विशिष्ट अतिथि महीदपुर विधायक दिनेश जैन ने समाज में एकता और आर्थिक सुदृढ़ता की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।

सम्मान समारोह में शैलेन्द्र जैन, सुरेश जैन (आईएएस), सुनील जैन (सागर), अशोक जैन (गुरुग्राम), सतीश जैन (हरिद्वार), डॉ. अखिल बंसल (जयपुर), सुनील जैन (दिल्ली), जितेन्द्र जैन (आगरा) एवं प्रशांत जैन (युवा परिषद, सागर) सहित कई पदाधिकारियों को परिषद गौरव पुरस्कार से सम्मानित किया गया। परिषद का सर्वोच्च सम्मान “परिषद शिरोमणि रत्न” निवर्तमान अध्यक्ष चक्रेश जैन एवं मरणोपरांत डॉ. जीवन लाल जैन को प्रदान किया गया।

कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में विभिन्न प्रांतों से आए अध्यक्षों—सुनील जैन (सागर), सतीश जैन (हरिद्वार), डॉ. अखिल बंसल (जयपुर) एवं प्रशांत जैन—ने समाज सुधार, शिक्षा, युवाओं की भागीदारी एवं जनगणना में जैन समाज की सटीक पहचान को लेकर विचार व्यक्त किए।
उज्जैन से पधारे स्वामी जयंत कीर्ति ने समाज में संख्या वृद्धि और जागरूकता पर जोर दिया। कार्यक्रम में देशभर से आए प्रतिनिधियों में अशोक गोयल, सरला जैन, पुनीत जैन, रेनू जैन, नीरज जैन, सुभाष बड़जात्या, जिनेंद्र जैन, सुरेंद्र कुमार, सरला सांवरिया एवं प्रभा जैन सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।
प्रदेश अध्यक्ष (मध्य प्रदेश) एवं पूर्व विधायक सुनील जैन ने प्रदेश में परिषद के कार्यों का विवरण प्रस्तुत करते हुए जनगणना में जैन पहचान दर्ज कराने का आह्वान किया। वहीं राष्ट्रीय सचिव एवं सुप्रीम कोर्ट अधिवक्ता समृद्धि जैन ने भी परिषद के कार्यों में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।

✨ विशेष उल्लेख:
राष्ट्रीय सचिव एवं सुप्रीम कोर्ट अधिवक्ता समृद्धि जैन के कार्यों की अधिवेशन में विशेष सराहना की गई। उन्होंने परिषद के संगठनात्मक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाते हुए समाजहित से जुड़े कानूनी एवं जागरूकता अभियानों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। जैन समाज की पहचान, अधिकारों और सहभागिता को मजबूत करने के लिए उनके निरंतर प्रयास प्रेरणादायक हैं। उनकी नेतृत्व क्षमता और प्रतिबद्धता परिषद के भविष्य को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

