27वें दिन सोनम वांगचुक ने खत्म किया अनशन, जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में अस्पताल में तोड़ी भूख हड़ताल
23 July 2026 • 07:59 pm
सोनम वांगचुक ने 27 दिनों से जारी अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह से मुलाकात के बाद मेदांता अस्पताल में अनशन तोड़ा। सोनम वांगचुक 28 जून से भूख हड़ताल पर थे। लंबे समय तक अनशन के कारण उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों से बातचीत और मांगों पर सकारात्मक आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने अपना आंदोलन समाप्त करने का निर्णय लिया।
वहीं, NEET पेपर लीक मामले को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी का दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन लगातार 35वें दिन भी जारी है। प्रदर्शनकारी परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इसके साथ ही आंदोलनकारियों की मांग है कि मामले में जवाबदेही तय की जाए और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा दें।
संगठन ने आज देशभर में शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन करने का आह्वान किया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पेपर लीक जैसी घटनाओं से लाखों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित होता है और प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। इसलिए मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों को कड़ी सजा और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाई जानी चाहिए।
इससे पहले केंद्र सरकार ने पेपर लीक से जुड़े मामलों का शीघ्र निपटारा करने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने का आश्वासन दिया था। सरकार का कहना है कि ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ तेजी से कानूनी कार्रवाई की जाएगी और परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी तथा सुरक्षित बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
इस आंदोलन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के राजनीतिक जीवन से जुड़ा एक पुराना घटनाक्रम भी चर्चा में आया है। बताया जा रहा है कि वर्ष 1997 में ओडिशा में पेपर लीक के खिलाफ हुए छात्र आंदोलन का उन्होंने नेतृत्व किया था। उस समय प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया था, जिसमें धर्मेंद्र प्रधान गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें कई जगह फ्रैक्चर होने की बात भी सामने आई थी।
अब प्रदर्शनकारी इसी पुराने घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए सवाल उठा रहे हैं कि छात्र जीवन में पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन करने वाले धर्मेंद्र प्रधान वर्तमान में शिक्षा मंत्री के रूप में इस मामले की जवाबदेही कैसे तय करेंगे। आंदोलनकारियों का कहना है कि NEET पेपर लीक मामले में केवल आश्वासन पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि जांच की प्रगति और कार्रवाई की पूरी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए।

