19 जून से शुरू होगी आवेदन प्रक्रिया, 23 जून अंतिम तारीख; शिक्षक संगठनों ने नियमों में ढील देने की मांग की
18 June 2026 • 11:25 am

कल से शिक्षकों के ट्रांसफर के लिए ऑनलाइन आवेदन, ई-अटेंडेंस और जनगणना ड्यूटी बनी बड़ी बाधा
मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग में स्वैच्छिक स्थानांतरण का इंतजार कर रहे शिक्षकों के लिए बड़ी खबर है। विभाग 19 जून से शिक्षकों के ट्रांसफर के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू करने जा रहा है। आवेदन की अंतिम तारीख 23 जून तय की गई है। हालांकि, नई शर्तों और नियमों को लेकर प्रदेश के शिक्षकों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।
शिक्षक संगठनों का कहना है कि विभाग द्वारा तय किए गए नियम इतने कड़े हैं कि अधिकांश शिक्षक इस प्रक्रिया का लाभ नहीं ले पाएंगे। शासकीय शिक्षक संगठन मध्य प्रदेश के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उपेन्द्र कौशल का दावा है कि मौजूदा परिस्थितियों में प्रदेश के करीब 95 प्रतिशत शिक्षक आवेदन करने से ही वंचित रह सकते हैं।
ट्रांसफर प्रक्रिया में सबसे बड़ी बाधा 90 प्रतिशत ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता मानी जा रही है। शिक्षकों का कहना है कि कई क्षेत्रों में नेटवर्क और तकनीकी समस्याओं के कारण ऑनलाइन उपस्थिति समय पर दर्ज नहीं हो पाई। ऐसे में जिन शिक्षकों की ई-अटेंडेंस 90 प्रतिशत से कम है, वे आवेदन प्रक्रिया से बाहर हो सकते हैं।
दूसरी बड़ी शर्त जनगणना ड्यूटी से जुड़ी है। प्रदेश के बड़ी संख्या में शिक्षक इस समय जनगणना कार्य में लगे हुए हैं। नए नियमों के अनुसार, जिन शिक्षकों की ड्यूटी जनगणना में लगी है, उनका ट्रांसफर नहीं होगा। यहां तक कि जिन शिक्षकों के प्रशासनिक तबादला आदेश पहले जारी हो चुके हैं, वे भी ड्यूटी के कारण निरस्त माने जा सकते हैं।
इसके अलावा जिन शिक्षकों की सेवा अवधि अभी तीन वर्ष पूरी नहीं हुई है, वे भी इस ट्रांसफर प्रक्रिया में शामिल नहीं हो पाएंगे। इन शर्तों के कारण लंबे समय से पारिवारिक, स्वास्थ्य और अन्य व्यक्तिगत कारणों से स्थानांतरण की प्रतीक्षा कर रहे हजारों शिक्षक निराश हैं।
प्रदेश में प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक वर्ग को मिलाकर करीब 4.25 लाख शिक्षक हैं। इनमें लगभग 1.75 लाख प्राथमिक शिक्षक, 1.50 लाख माध्यमिक शिक्षक और 1 लाख उच्च माध्यमिक शिक्षक शामिल हैं।
शासकीय शिक्षक संगठन ने राज्य सरकार और स्कूल शिक्षा विभाग से मांग की है कि ई-अटेंडेंस, जनगणना ड्यूटी और तीन वर्ष की सेवा अवधि जैसी शर्तों में व्यावहारिक राहत दी जाए, ताकि वर्षों से स्थानांतरण की प्रतीक्षा कर रहे शिक्षकों को सही मायने में लाभ मिल सके।

