'एसी ठीक हो गया' सुनते ही लोकायुक्त की टीम ने किया महिला एकाउन्टेंट को ट्रेप
18 June 2026 • 10:37 pm

सागर। शासकीय एमएलबी स्कूल सागर में स्थित सांदीपनी विद्यालय की एकाउंटेंट का प्रभार संभाल रहीं लिपिक गांधाली कदम को लोकायुक्त की टीम ने उसी स्कूल के प्रथम श्रेणी शिक्षक गेंदाराम अहिरवार से २५०० रुपये की रिश्वत लेते हुए उनके केबिन से दबोचा। कदम मध्य प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ (सागर) की जिला अध्यक्ष भी हैं। शिकायतकर्ता शिक्षक गेंदाराम अहिरवार बीते कई महीनों से अपनी करीब 60 हजार रुपये की एरियर्स राशि के भुगतान के लिए भटक रहे थे। आरोप है कि मैडम गांधाली कदम इस राशि को जारी करने के एवज में पहले 3 हजार रुपये की मांग कर रही थीं, जो बाद में 2500 रुपये पर तय हुई। शिक्षक गेंदाराम रिश्वत देने के पक्ष में नहीं थे, इसलिए उन्होंने इसकी विधिवत शिकायत लोकायुक्त संगठन सागर में कर दी। योजना के मुताबिक, जैसे ही शिक्षक गेंदाराम ने एकाउंटेंट श्रीमती कदम को रिश्वत की रकम सौंपी, उन्होंने तुरंत बाहर खड़ी लोकायुक्त टीम को इशारा करते हुए कहा, "एसी ठीक हो गया है।" यह इस बात का गुप्त सिग्नल था कि एकाउंटेंट को घूस की रकम दी जा चुकी है।
केबिन में हड़कंप, हाथ धुलवाते ही गुलाबी हुआ पानी
कोड वर्ड सुनते ही लोकायुक्त के निरीक्षक रंजीत सिंह के नेतृत्व में टीम ने तत्काल श्रीमती कदम के केबिन में प्रवेश किया। टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए उनके हैंडबैग की तलाशी ली, जहां रिश्वत के रूप में दिए गए 2500 रुपये बरामद हो गए। इसके बाद जब लोकायुक्त टीम ने शिकायतकर्ता शिक्षक और आरोपी श्रीमती कदम के हाथ धुलवाए, तो केमिकल रिएक्शन के कारण पानी का रंग गहरा गुलाबी हो गया, जो रिश्वतखोरी का पुख्ता वैज्ञानिक सबूत है।
शाम करीब 5 बजे शुरू हुई लोकायुक्त की यह कार्रवाई रात 9 बजे के बाद तक चलती रही। इस अचानक हुई छापेमारी से सांदिपनी स्कूल परिसर में हड़कंप मच गया। स्कूल का मौजूदा स्टाफ और अन्य लोग यह जानने के लिए उत्सुक दिखे कि आखिर क्या कार्रवाई चल रही है, बाद में धीरे-धीरे पूरा स्टाफ वहां से तितर-बितर हो गया।
शिक्षक गेंदाराम अहिरवार ने बताया कि गांधाली कदम मूल रूप से तृतीय वर्ग की लिपिक हैं, लेकिन वर्तमान में एकाउंटेंट का प्रभार देख रही थीं। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वर्ष 2021 और उसके बाद भर्ती हुए करीब 70 नए शिक्षक इस स्कूल में पदस्थ हैं, जिनसे श्रीमती कदम पे-फिक्सेशन (वेतन निर्धारण) और एरियर्स निकालने के नाम पर लगातार अवैध राशि की मांग कर रही थीं और उन पर दबाव बनाया जा रहा था। जानकारी के मुताबिक, श्रीमती कदम ने एरियर्स की मांग कर रहे कई अन्य शिक्षकों का भुगतान भी इसी वजह से रोक रखा था।
लोकायुक्त की इस सफल और बड़ी कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में निरीक्षक रंजीत सिंह के साथ निरीक्षक मंजू किरण तिर्की, रोशनी जैन, हेड कॉन्स्टेबल महेश हजारी, रफीक खान तथा सिपाही विक्रम, आदेश, गोल्डी और नीलेश शामिल रहे। शासकीय कर्मचारी संघ की जिला अध्यक्ष के इस तरह भ्रष्टाचार के मामले में पकड़े जाने से प्रशासनिक और कर्मचारी संगठनों के हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

