कटरबाज बना रहे थे मुथूट फाइनेन्स में डकैती का प्लान! मयंक हत्याकांड का मुख्य आरोपी यश भी गिरफ्तार
22 June 2026 • 10:04 am

सागर। एक दिन पहले 'कटरबाज गैंग 0001' के सरगना मनु सोनी को गिरफ्त में लेने के बाद सागर पुलिस ने इसी गैंग से जुड़े मयंक साहू हत्याकांड के मुख्य आरोपी यश सोनी को यूपी के ललितपुर शहर से दबोच लिया है। रविवार को इस संबंध में एसपी अनुराग सुजानिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि आरोपी कितना भी शातिर हो, कानून से बच नहीं सकता। हमारी टीम ने तकनीकी सपोर्ट के बजाय मैदानी पुलिसिंग (मुखबिर तंत्र, पुराने अपराधियों की कुंडली और जेल रिकॉर्ड) के जरिए इन्हें ढूंढ निकाला। एसपी ने चेतावनी देते हुए कहा कि कटरबाजों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। उन्होंने माता-पिता से अपील की कि वे बच्चों पर नजर रखें; रसूख या दहशत के लिए हथियारों के साथ सेल्फी या उकसाऊ पोस्ट करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। पुलिस कोर्ट में मजबूत चालान पेश करेगी और आरोपियों द्वारा पूर्व में जमानत की शर्तों के उल्लंघन की जानकारी देकर इनकी जमानत राह मुश्किल करेगी। प्रेस कॉन्फ्रेंस में नवागत एडिशनल एसपी नरेंद्र सोलंकी, बीना एडिशनल एसपी जयवीर सिंह भदौरिया, सीएसपी ललित कश्यप और मोतीनगर टीआई जसवंत सिंह राजपूत मौजूद थे। इस कार्रवाई से मनु सोनी गैंग और सूखा नशा करने वाले कटरबाजों का अस्तित्व लगभग खत्म माना जा रहा है।
जेल कनेक्शन, अय्याशी और मुथुट फाइनेंस में डकैती का था मास्टर प्लान
सूत्रों से मिली चौंकाने वाली जानकारी के अनुसार, कटरबाज गैंग और 'चूहा गैंग' के सरगना मनु सोनी को बढ़ावा देने में केंद्रीय जेल सागर का अहम रोल रहा है। तत्कालीन जेल प्रबंधन ने मनु के इशारे पर ही जेल का लंबरदार और गोल इंचार्ज तय किया था। सागर जेल में रहने के दौरान ही मनु ने ट्रांसफर पर आए ग्वालियर के शातिर बदमाश हरेंद्र राणा, भोपाल के जुबेर मौलाना और इंदौर के सलमान लाला के गुर्गों से गहरे ताल्लुकात बनाए, जिनकी बदौलत वह एक महीने तक अलग-अलग राज्यों (गुजरात, आंध्र प्रदेश, दिल्ली) में फरारी काटता रहा। इन्हीं नेटवर्क्स के जरिए उसने सागर में हथियार और ड्रग्स की तस्करी का जाल बिछाया था। महज 8वीं पास मनु सोनी मोबाइल के दुरुपयोग और पलक झपकते पैटर्न लॉक तोड़ने में माहिर है। फरारी के दौरान उसने बस-ट्रेन से मोबाइल चुराए और सोशल मीडिया पर महंगे होटलों की अय्याशी व हथियारों के फोटो डालकर नाबालिगों को गैंग में ललचाता रहा। पुलिस सूत्रों का दावा है कि मनु सोनी बिहार की एक वारदात से आइडिया लेकर मुथुट फाइनेंस की किसी बिना गार्ड वाली शाखा में बड़ी डकैती डालने की फिराक में था। इसके लिए उसने सागर, भोपाल, इंदौर, खरगौन, ग्वालियर और मथुरा के अपराधियों को जोड़ना शुरू कर दिया था। इस खतरनाक मॉडस ऑपरेंडी को देखते हुए रिटायर्ड पुलिस अधिकारियों ने सुझाव दिया है कि मनु और उसके साथियों को केंद्रीय जेल सागर के बजाय जिले की अन्य उप-जेलों में शिफ्ट किया जाए, ताकि जेल के भीतर इनका नेटवर्क पूरी तरह ध्वस्त हो सके।
मयंक साहू हत्याकांड: जानिए क्या था पूरा मामला
मोतीनगर पुलिस ने इस चर्चित हत्याकांड में लगातार प्रभावी कार्रवाई की है। 21 मई 2026 की रात करीब 10:30 बजे विवेकानंद वार्ड (मछरयाई) स्थित गोंड बब्बा चबूतरा के पास पुरानी रंजिश के चलते आरोपियों ने फरियादी ओम साहू और उसके भाई मयंक साहू के साथ गाली-गलौज कर अवैध हथियार से फायरिंग की थी। इलाज के दौरान मयंक की मौत हो गई थी, जबकि ओम चाकू के हमले से गंभीर घायल हुआ था। घटना के 24 घंटे के भीतर ही 5 आरोपी जेल भेजे जा चुके थे। बाकी फरार आरोपियों पर 10-10 हजार का इनाम था। 19-20 जून की दरमियानी रात बम्हौरी रेंगुवा रेलवे आउटर पर घेराबंदी के दौरान मनु सोनी पुल से कूदकर घायल होने के बाद 20 ग्राम एमडी ड्रग्स के साथ पकड़ा गया था। वहीं आज 21 जून को मुख्य आरोपी यश सोनी को ललितपुर से पकड़कर उसकी निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल देशी कट्टा बरामद कर लिया गया है। इस मामले में अब तक कुल 7 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं, जबकि फरार आरोपी ओम अहिरवार की तलाश जारी है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, मनु सोनी पर हत्या, लूट समेत 25 और यश सोनी पर 8 आपराधिक मामले दर्ज हैं। जांच में यह भी साफ हुआ कि सोशल मीडिया पर धमकी देने वाला एक अन्य लड़का महज फैन फॉलोइंग बढ़ाने के लिए अफवाह फैला रहा था, उसका गैंग से कोई संबंध नहीं था। इस पूरी कार्रवाई और धरपकड़ में मुख्य रूप से निरीक्षक जसवंत सिंह राजपूत (थाना प्रभारी), उप निरीक्षक शशिकांत गुर्जर, उप निरीक्षक पी.डी. ठाकुर, प्रधान आरक्षक वीरेंद्र शर्मा, सौरभ रैकवार, सुनील चौबे, दिनेश यादव, जानकी मिश्रा तथा आरक्षक श्रीकांत चौबे, आशीष यादव, आशीष सिंह, मनीष तिवारी, प्रदीप शर्मा, अमन स्वामी, सत्येंद्र सिंह, अनुराग वैद्य, गुड्डू शर्मा, आंचल सेन, चंदन बिल्थारे, सोमवीर सिंह, कुलदीप ठाकुर, दीपक अहिरवार, मुकेश अहिरवार और हेमेंद्र ठाकुर की सराहनीय भूमिका रही।

