राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पहुंची जनजातीय महासम्मेलन में
18 June 2026 • 10:56 pm

बैतूल - राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार को मध्यप्रदेश के बैतूल में आयोजित ब्रह्मकुमारीज संस्थान के महासम्मेलन में कहा कि विकसित भारत के निर्माण की यात्रा अध्यात्म, सामाजिक समरसता और पर्यावरण संरक्षण पर आधारित होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक शिक्षा व्यक्ति के जीवन में शांति, संतुलन और नई आशा का संचार करती है, जिससे समाज में सकारात्मक बदलाव संभव है। राष्ट्रपति बैतूल के लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम में ब्रह्मकुमारीज संस्थान द्वारा आयोजित "आध्यात्मिक जागृति द्वारा आदिवासी समाज का सशक्तिकरण" महासम्मेलन का शुभारंभ करने पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने जनजातीय समाज की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और जीवन मूल्यों की सराहना की।
मंच पर मौजूद रहे राज्यपाल और विशिष्ट अतिथि
इस विशाल महासम्मेलन की अध्यक्षता मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने की। मंच पर उनके अलावा केंद्रीय राज्यमंत्री दुर्गादास उईके, प्रदेश के राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल और संस्था के ओडिशा प्रभारी डॉ. नथमल मौजूद रहे। साथ ही, माउंट आबू से आईं लीना बहन और शैलजा बहन सहित अन्य विशिष्ट अतिथियों ने भी कार्यक्रम में अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।

