दमोह कलेक्ट्रेट में 'जासूसी' का भंडाफोड़: कलेक्टर की रेकी करने वाले कर्मचारियों पर गिरी गाज, संवेदनशील फोन कॉल और डिवाइस सील
8 May 2026 • 09:14 am

दमोह। मध्य प्रदेश के दमोह जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय से गोपनीयता भंग होने का एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। कलेक्टर प्रताप नारायण सिंह यादव की गतिविधियों और गोपनीय निरीक्षण योजनाओं की 'रेकी' करने के आरोप में प्रशासन ने बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में एक कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जबकि दो अन्य को कलेक्ट्रेट से हटाकर उनके मूल विभाग भेज दिया गया है।

ऐसे हुआ जासूसी के खेल का पर्दाफाश:
इस पूरे मामले का खुलासा किसी फिल्मी पटकथा की तरह हुआ। कलेक्टर प्रताप नारायण सिंह यादव अपने चेंबर में बैठकर भविष्य में किए जाने वाले गोपनीय निरीक्षणों और प्रशासनिक छापों की रूपरेखा तैयार कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें उस स्थान से एक फोन कॉल आया जहाँ वे निरीक्षण के लिए जाने वाले थे। इस घटना ने कलेक्टर के मन में संदेह पैदा कर दिया कि कार्यालय के भीतर से ही कोई जानकारी लीक कर रहा है।
संदेह होने पर कलेक्टर ने तुरंत अपना मोबाइल ऑन किया और औचक निरीक्षण के लिए निकले। जब वे अपने ही पीए (निजी सहायक) के कक्ष में पहुंचे, तो वहां एक लैंडलाइन फोन सक्रिय मोड में मिला। चौंकाने वाली बात यह थी कि उस फोन से आवाजें बाहर जा रही थीं, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि चेंबर के भीतर होने वाली हर चर्चा को लाइव सुना जा रहा था।
कड़ी कार्रवाई: निलंबन और मूल विभाग वापसी
मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने तत्काल प्रशासनिक हंटर चलाया। पीए कक्ष में कार्यरत कर्मचारी सचिन खरे को प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा, लंबे समय से कलेक्ट्रेट में जमे हुए अजय कुमार असाटी और भृत्य जयदेव अहिरवार को तुरंत हटा दिया गया है। इन दोनों को उनके मूल विभाग ‘सर्व शिक्षा केंद्र’ वापस भेज दिया गया है।
तकनीकी जांच के घेरे में टेलीफोन
प्रशासन ने कार्यालय के उन संदिग्ध टेलीफोन सेटों को जब्त कर सील कर दिया है, जिनके जरिए जासूसी की जा रही थी। इन उपकरणों को अब फॉरेंसिक और तकनीकी जांच के लिए भेजा गया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह डेटा लीक कितने समय से चल रहा था और इसके पीछे बाहरी तौर पर कौन से लोग शामिल थे। इस घटना ने कलेक्ट्रेट की सुरक्षा व्यवस्था और कर्मचारियों की निष्ठा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

