शाहपुर में शराब ठेकेदार की मारपीट से दूसरे युवक की भी मौत, चौकी प्रभारी लाइन अटैच
11 May 2026 • 05:50 am

सागर: जिले के शाहपुर में शराब सिंडिकेट के खूनी वर्चस्व ने एक और युवक की जान ले ली है। शनिवार देर रात गंभीर रूप से घायल दूसरे युवक, सूरज अहिरवार ने भी दम तोड़ दिया, जिससे स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने जमकर प्रदर्शन किया। इस घटनाक्रम के बाद पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव भी मौके पर पहुंचे। प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए एसपी अनुराग सुजानिया ने शाहपुर चौकी प्रभारी अशोक उपाध्याय को तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर दिया है और एडिशनल एसपी डॉ. संजीव उईके को दो दिनों के भीतर मामले की जांच कर रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए हैं।
सूत्रों के अनुसार, चौकी प्रभारी पर आरोप है कि उन्होंने शनिवार को हुई नीरज प्रजापति की मौत को कथित तौर पर एक सड़क दुर्घटना बताने की कोशिश की थी। इस पक्षपातपूर्ण रवैये से आक्रोशित होकर लोगों ने शराब दुकान में आग लगा दी थी। पुलिस ने अब इस मामले में मुख्य आरोपी शराब ठेकेदार छोटू उर्फ हर्ष लोधी और उसके साथियों—भगवत पटेल, अंशुल यादव, अभिषेक पटेल तथा नीलेश अहिरवार—के विरुद्ध हत्या और जानलेवा हमले का मामला दर्ज किया है। फिलहाल सभी आरोपी फरार हैं और पुलिस उनकी तलाश में जुटी है।

इस दोहरे हत्याकांड की जड़ें शाहपुर में शराब दुकान के ठेके से जुड़ी हैं। बताया जा रहा है कि करीब ₹5.20 करोड़ में यह दुकान उन लोगों ने ली थी जो लंबे समय से शराब की तस्करी और अवैध कारोबार से जुड़े रहे हैं। बाजार पर अपना दबदबा कायम करने के लिए इन लोगों ने दहशत का सहारा लिया और क्षेत्र के उन लोगों को प्रताड़ित करना शुरू कर दिया जिन्हें वे अपना प्रतिद्वंदी मानते थे। इसी रंजिश में नीरज प्रजापति और सूरज अहिरवार को निपनिया गांव के पास रोककर लाठियों से तब तक पीटा गया जब तक उनकी मौत नहीं हो गई।
शाहपुर की यह हिंसा अब सागर शहर के सदर इलाके तक भी पहुंचती दिख रही है। सदर और इसके आसपास के क्षेत्रों में 'पैरेलल इकोनॉमी' की तरह शराब का अवैध कारोबार फल-फूल रहा है। जंडेल सिंह एंड कंपनी, सोम कंपनी और डीसीआर एंड कंपनी जैसे बड़े खिलाड़ियों के बीच यहाँ शीतयुद्ध (कोल्ड वार) की स्थिति बनी हुई है। आरोप है कि कुछ पेशेवर 'ब्लैकर' दूसरे ठेकेदारों का माल लाकर यहाँ खपा रहे हैं और इस काम के लिए नाबालिग लड़कों का इस्तेमाल किया जा रहा है। हाल ही में केंट थाने में एक 17 वर्षीय लड़के को अवैध शराब बेचते हुए पकड़ा भी गया था। जानकारों का मानना है कि यदि इस पर लगाम नहीं कसी गई, तो सदर में भी शाहपुर जैसी हिंसक घटना की पुनरावृत्ति हो सकती है।

