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कटनी नगर निगम में भ्रष्टाचार का पर्दाफाश: NOC जारी करने के एवज में 20 हजार की घूस लेते लिपिक गिरफ्तार, लोकायुक्त टीम की कार्रवाई से हड़कंप

23 October 2026 • 12:13 pm

मध्य प्रदेश के कटनी जिले से भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस की एक बड़ी और प्रभावी कार्रवाई सामने आई है। कटनी नगर निगम की संपदा शाखा में पदस्थ एक लिपिक को जबलपुर लोकायुक्त पुलिस की टीम ने शुक्रवार को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों धर दबोचा। आरोपी लिपिक द्वारा ट्रांसपोर्ट नगर पुरैनी में आवंटित एक प्लॉट पर निर्माण कार्य के सिलसिले में बैंक लोन के लिए आवश्यक अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी करने के एवज में कुल 25 हजार रुपए की अवैध मांग की गई थी। इस अचानक हुई लोकायुक्त कार्रवाई से नगर निगम कार्यालय और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।

बैंक लोन और एनओसी के नाम पर की जा रही थी पैसों की मांग

शिकायतकर्ता ट्रांसपोर्टर अशोक कनकने को ट्रांसपोर्ट नगर पुरैनी में प्लॉट नंबर 137 आवंटित किया गया था, जिस पर वे व्यावसायिक निर्माण कराना चाहते थे। निर्माण कार्य के लिए वित्तीय सहायता जुटाने के उद्देश्य से उन्होंने एक राष्ट्रीयकृत बैंक में व्यावसायिक ऋण (बिजनेस लोन) के लिए आवेदन किया था। बैंक नियमों के अनुसार लोन प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए नगर निगम से प्लॉट की एनओसी (NOC) जमा कराना अनिवार्य था।

जब ट्रांसपोर्टर अशोक कनकने एनओसी प्राप्त करने के लिए नगर निगम की संपदा शाखा पहुंचे, तो वहां पदस्थ लिपिक आलोक गर्ग ने अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करने के बदले उनसे 25 हजार रुपए की रिश्वत मांग ली। इस अवैध मांग से परेशान होकर ट्रांसपोर्टर ने मामले की गोपनीय शिकायत जबलपुर लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक से कर दी।

लोकायुक्त टीम ने सत्यापन के बाद बिछाया जाल

शिकायत मिलने के तुरंत बाद लोकायुक्त पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसका सत्यापन कराया, जिसमें लिपिक द्वारा रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हो गई। पुष्टि होने के बाद लोकायुक्त टीम ने आरोपी को पकड़ने के लिए एक सुनियोजित योजना तैयार की। तय योजना के तहत शुक्रवार को शिकायतकर्ता अशोक कनकने ने लिपिक आलोक गर्ग को रिश्वत की पहली किस्त के रूप में केमिकल लगे हुए 20 हजार रुपए देने पहुंचे। जैसे ही लिपिक ने वह राशि अपने हाथों से ली, पहले से मुस्तैद लोकायुक्त टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया।

हाथ धुलवाने पर गुलाबी हुआ पानी, भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत कार्रवाई

कार्रवाई के दौरान जब आरोपी लिपिक के हाथों की केमिकल से जांच की गई, तो पानी में हाथुलवाने पर पानी का रंग गुलाबी हो गया, जिससे रिश्वत लेने की पुष्टि अकाट्य रूप से हो गई। इसके बाद लोकायुक्त टीम आरोपी लिपिक को लेकर सिविल लाइन स्थित रेस्ट हाउस पहुंची, जहाँ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। इस सनसनीखेज कार्रवाई से यह साफ हो गया है कि आम नागरिकों और व्यापारियों को सरकारी दफ्तरों में अपने वैध कामों के लिए किस प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता है।