सऊदी अरब में फंसे मध्य प्रदेश के 300 से अधिक उमराह यात्री: फ्लाइट्स रद्द होने से बढ़ी मुश्किलें, महंगे टिकट और कर्ज लेकर लौटने को मजबूर लोग
26 October 2026 • 09:55 am

मध्य प्रदेश के हजारों श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए सऊदी अरब से एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आ रही है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते सैन्य तनाव और सुरक्षा कारणों के चलते उड़ानों के लगातार रद्द होने से उमराह करने गए करीब 4 हजार भारतीय नागरिक सऊदी अरब में ही फंस गए हैं। इनमें मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों के 300 से अधिक और केवल भोपाल-इंदौर के ही 120 से ज्यादा लोग शामिल हैं, जिनकी वापसी की राह पूरी तरह से अटक गई है। फ्लाइट्स कैंसिल होने के कारण यात्रियों को वहां रुकने, होटल, भोजन और स्थानीय परिवहन के लिए प्रतिदिन भारी-भरकम अतिरिक्त राशि खर्च करनी पड़ रही है।
फ्लाइट्स रद्द, दूसरे देशों के रास्ते लौट रहे हैं यात्री
कांग्रेस प्रवक्ता अब्बास हफीज ने इस गंभीर स्थिति पर चिंता जताते हुए केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने बताया कि एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने रियाद-दम्माम की उड़ानें 7 नवंबर तक और जेद्दा की उड़ानें 31 अक्टूबर तक रद्द कर दी हैं। कई यात्रियों के रिटर्न टिकट बुक थे, लेकिन अचानक फ्लाइट निरस्त होने के कारण उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालात इतने विकट हो गए हैं कि कई यात्रियों को कर्ज लेकर या अपने पास मौजूद अतिरिक्त पैसे खर्च कर दूसरे देशों के रास्ते भारत लौटना पड़ रहा है।
अनायास बढ़ी इस आफत के कारण सऊदी अरब से भारत लौटने का सामान्य दिनों में 15 से 17 हजार रुपए में मिलने वाला रिटर्न टिकट अब बढ़कर 35 से 50 हजार रुपए तक पहुंच चुका है। भोपाल के खानू गांव निवासी अनस खान, जो अपने परिवार के 11 सदस्यों के साथ उमराह करने मदीना गए थे, उन्होंने बताया कि उनकी वापसी का टिकट 29 अक्टूबर का था, लेकिन फ्लाइट कैंसिलेशन के बाद अब उन्हें भारी आर्थिक और मानसिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।
सिर्फ हेल्पलाइन नंबर जारी करने से नहीं चलेगा काम: सरकार से विशेष उड़ान की मांग
यात्री समूहों और टूअर ऑपरेटरों का कहना है कि भारतीय दूतावास द्वारा केवल हेल्पलाइन नंबर जारी करने और वीजा की अवधि बढ़ाने भर से यह गंभीर समस्या हल नहीं होने वाली है। टूअर ऑपरेटर 'रतन ट्रैवल्स' के संचालक फरजान और 'बर्रा ट्रैवल्स' के मैनेजर हमजा नदीवी ने बताया कि एयरलाइंस केवल रिफंड देकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रही हैं, जबकि यात्री मजबूरन कर्ज लेकर या अपनी गाढ़ी कमाई का सामान बेचकर महंगे टिकट खरीद रहे हैं। कई यात्री तो बसों के जरिए 30 घंटे से अधिक का सफर तय कर दुबई, कतर और ओमान पहुंचकर वहां से फ्लाइट पकड़ने को विवश हैं।
यात्रियों और उनके परिजनों ने केंद्र सरकार से जोरदार मांग की है कि सऊदी अरब में फंसे बाकी तमाम भारतीय नागरिकों की सुरक्षित और सकुशल वापसी के लिए एयरलाइंस के साथ समन्वय स्थापित कर विशेष चार्टर्ड विमानों या वैकल्पिक उड़ानों की तत्काल व्यवस्था की जाए, ताकि इस संकट के समय में आम नागरिकों को राहत मिल सके।

