दिव्या अहिरवार से मिलने पन्ना जेल पहुंचे जीतू पटवारी: बोले- इस सरकार की व्यवस्था अंग्रेजों से भी बदतर; जमीन और मुआवजे का उठाया मुद्दा
26 October 2026 • 09:35 am

मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी सोमवार को जिला जेल पन्ना पहुंचे। यहाँ उन्होंने केन-बेत्वा, रुंझ और मझगांव सहित अन्य बड़ी विकास परियोजनाओं के विस्थापितों के हक और अधिकारों की लड़ाई लड़ रही दिव्या अहिरवार से मुलाकात की। उल्लेखनीय है कि दिव्या अहिरवार को कुछ दिन पहले एक मामले में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। जेल से बाहर आने के बाद पत्रकारों से चर्चा करते हुए प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बेहद कड़े प्रहार किए और इसे दमनकारी कार्रवाई करार दिया।
जमीन और मुआवजे का मुद्दा उठाया, अंग्रेजों से तुलना
मीडिया से बातचीत करते हुए जीतू पटवारी ने कहा कि पन्ना और छतरपुर क्षेत्र में आदिवासियों की जमीन और विस्थापन का यह गंभीर मुद्दा वर्ष 2015-16 से लगातार सामने आ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विभिन्न बांध परियोजनाओं के कारण सैकड़ों परिवारों के घर और संपत्तियों पर असर पड़ा है, लेकिन आज तक उन्हें नियमानुसार उचित मुआवजा नहीं दिया गया है।

पटवारी ने कहा कि 24 वर्षीय दिव्या अहिरवार ने जब इन गरीब विस्थापितों और आदिवासियों के अधिकारों के लिए आवाज उठाई, तो प्रशासन ने उनकी आवाज दबाने के लिए उन पर फर्जी मामले दर्ज कर जेल में डाल दिया। उन्होंने इस पूरी कार्रवाई को अंग्रेजों के शासनकाल से भी बदतर व्यवस्था बताते हुए दो टूक कहा कि कांग्रेस पार्टी विस्थापितों के हक की यह लड़ाई हर स्तर पर जारी रखेगी।
पन्ना की एसपी और सरकार पर तीखे हमले
प्रदेश सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए जीतू पटवारी ने इसे 'हत्यारी सरकार' की संज्ञा दी। उन्होंने पन्ना की पुलिस अधीक्षक (एसपी) पर अहंकार दिखाने और जेल में दिव्या अहिरवार के साथ दुर्व्यवहार करने जैसे बेहद गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने चेतावनी दी कि प्रशासन चाहे जितनी भी ताकत लगा ले, कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगी और विस्थापितों को न्याय दिलाने के लिए सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगी।
जहरीली शराब, भ्रष्टाचार और अन्य मोर्चों पर भी घेरा
पन्ना के स्थानीय मुद्दों के साथ-साथ जीतू पटवारी ने पूरे प्रदेश में कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार की स्थिति को लेकर भी सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने सागर, देवास और मुरैना जिलों में जहरीली शराब पीने से हुई संदिग्ध मौतों का जिक्र करते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। इसके अलावा, उन्होंने छिंदवाड़ा व बालाघाट में बच्चों की मौतों तथा इंदौर में दूषित पानी के सेवन से हुई त्रासदियों का हवाला देते हुए कहा कि आम जनता बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रही है और सरकार सिर्फ लीपापोती करने में जुटी है। उन्होंने आबकारी मंत्री के निजी सहायक से जुड़े भ्रष्टाचार के मामलों का भी उल्लेख किया और कहा कि प्रदेश में व्याप्त इस अन्याय के खिलाफ कांग्रेस जनता के बीच जाकर पुरजोर आवाज उठाएगी।

