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पन्ना में अवैध गर्भपात का बड़ा भंडाफोड़: ऑपरेशन का 'ट्यूमर' बताकर ₹2000 में दफनाने दिया था नाबालिग का भ्रूण; स्वीपर ने खोला राज तो मैस्कॉट अस्पताल का रजिस्ट्रेशन रद्द

25 October 2026 • 08:59 am

मध्य प्रदेश के पन्ना जिले से चिकित्सा जगत को शर्मसार करने वाला और अवैध गर्भपात के काले कारोबार से जुड़ा एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। शहर के मैस्कॉट हॉस्पिटल में एक नाबालिग किशोरी का गैरकानूनी तरीके से गर्भपात कराने के बाद, भ्रूण को ऑपरेशन में निकला 'ट्यूमर' बताकर एक निजी स्वीपर के जरिए गुपचुप तरीके से दफनवा दिया गया। हालांकि, स्वीपर की अंतरात्मा जागने और पुलिस को सूचना देने के बाद इस पूरे गोरखधंधे का पर्दाफाश हो गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. राजेश प्रसाद तिवारी ने जांच के बाद शनिवार को मैस्कॉट अस्पताल का रजिस्ट्रेशन (पंजीयन) तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है और अब इसे सील करने की तैयारी की जा रही है।

₹2000 देकर कहा- "थैले में ट्यूमर है, इसे दफना दो"

इस पूरे हाई-प्रोफाइल मामले का खुलासा धाम मोहल्ले के रहने वाले राकेश डुमार की जागरूकता से हुआ, जो साफ-सफाई के साथ-साथ अंतिम संस्कार से जुड़े कार्य भी करते हैं। राकेश ने पुलिस को बताया कि 22 जुलाई 2026 की सुबह मैस्कॉट अस्पताल के बाहर एक महिला ने उन्हें एक थैला थमाया और उसे दफनाने के एवज में 2 हजार रुपए दिए। जब राकेश ने पूछा कि इस थैले में क्या है, तो महिला ने झूठ बोलते हुए कहा कि ऑपरेशन के बाद मरीज के शरीर से निकला ट्यूमर है।

राकेश वह थैला लेकर किलकिला नदी के पुल के पास पहुंचे। दफनाने से ठीक पहले जब उन्होंने जिज्ञासावश थैला खोलकर देखा, तो उनके होश उड़ गए क्योंकि उसके अंदर एक मानव भ्रूण था। उस वक्त तो उन्होंने उसे दफना दिया, लेकिन बाद में उन्हें गहरा अपराधबोध हुआ कि ऐसा करना गलत था। चार दिनों तक भारी असमंजस में रहने के बाद आखिरकार राकेश ने हिम्मत जुटाई और कोतवाली पुलिस को पूरे मामले की सूचना दे दी।

भ्रूण की गर्भनाल पर मिला नीला मेडिकल क्लैंप, डीएनए सुरक्षित

राकेश की सूचना पर हरकत में आई कोतवाली पुलिस ने 26 जुलाई 2026 को किलकिला नदी के पास खुदाई करवाकर दफनाए गए भ्रूण को बाहर निकलवाया। जब भ्रूण का पोस्टमार्टम कराया गया, तो उसकी गर्भनाल पर नीले रंग का 'मेडिकल क्लैंप' लगा हुआ मिला, जिससे यह पुख्ता हो गया कि यह प्रसव या गर्भपात किसी अस्पताल में ही कराया गया है। पुलिस ने तुरंत जांच को आगे बढ़ाते हुए भ्रूण का डीएनए (DNA) सैंपल भी सुरक्षित रखवा लिया।

रिकॉर्ड और सीसीटीवी खंगाले तो खुला नाबालिग के गर्भपात का राज

तत्कालीन कोतवाली टीआई रोहित मिश्रा ने मामले की कड़ियां जोड़ते हुए मैस्कॉट अस्पताल का रिकॉर्ड जब्त किया और वहां के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इसके साथ ही सीएमएचओ से अस्पताल में हुए गर्भपात के संबंध में आधिकारिक जानकारी मांगी गई। स्वास्थ्य विभाग द्वारा गठित जांच समिति की छानबीन में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि 19 जुलाई 2026 की रात मैस्कॉट अस्पताल में 18 साल से कम उम्र की एक नाबालिग किशोरी का गर्भपात किया गया था।

गंभीर अनियमितताएं उजागर, अस्पताल होगा सील

जांच समिति की रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि मैस्कॉट अस्पताल गर्भपात (MTP) करने के लिए अधिकृत ही नहीं था। इसके बावजूद वहां न केवल अवैध रूप से गर्भपात किया गया, बल्कि मामला नाबालिग से जुड़ा होने के बाद भी अस्पताल प्रबंधन ने इसकी सूचना पुलिस और बाल कल्याण समिति (CWC) को देना जरूरी नहीं समझा, जो कि कानूनन एक गंभीर अपराध है।

सीएमएचओ डॉ. राजेश प्रसाद तिवारी ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर अस्पताल प्रबंधन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था, लेकिन संतोषजनक उत्तर न मिलने पर अस्पताल का पंजीयन निरस्त कर दिया गया है और दो-तीन दिन में इसे सील करने की कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर, अस्पताल की संचालक जागृति सिंह ने इस कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताया है। फिलहाल पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि भ्रूण दफनाने की जिम्मेदारी किसने दी थी और क्या इस अस्पताल में पहले भी इस तरह के अवैध गर्भपात किए जाते रहे हैं।