Aacharan News
मध्यप्रदेश • 2 days ago Breaking

भोपाल नगर निगम परिषद में भारी हंगामा: नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी के 'मैं कमीशन नहीं लेती' वाले बयान पर भड़के भाजपा पार्षद, सदन की कार्यवाही 15 मिनट स्थगित

24 October 2026 • 09:52 am

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में नगर निगम परिषद की शनिवार को आयोजित बैठक शुरुआत से ही भारी हंगामे और तीखी नोकझोंक की भेंट चढ़ गई। आईएसबीटी स्थित मीटिंग हॉल में हुई इस बैठक की शुरुआत में अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने सरकार द्वारा नियुक्त 12 नवनियुक्त एल्डरमैन और नए नगर निगम कमिश्नर रामप्रकाश अहिरवार का सदन के सदस्यों से परिचय कराया। इसके तुरंत बाद जब न्यू मार्केट मल्टीलेवल पार्किंग के चौथे फ्लोर पर स्थित हॉल को किराए पर देने का प्रस्ताव चर्चा के लिए रखा गया, तो सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जबरदस्त सियासी घमासान छिड़ गया।

'मैं कमीशन नहीं लेती' बयान पर गरमाया सदन

चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी ने प्रस्ताव पर आपत्ति जताते हुए अपनी बात रखी और इस दौरान ऐसा बयान दिया जिससे सदन का माहौल पूरी तरह से गरमा गया। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि "मैं कमीशन नहीं लेती।" उनके इस बयान के आते ही सदन में बैठे भाजपा के सभी पार्षद आक्रोशित हो गए और उन्होंने तुरंत अपनी सीटों से खड़े होकर हंगामा शुरू कर दिया। नाराज भाजपा पार्षदों ने अध्यक्ष की आसंदी को घेर लिया और नेता प्रतिपक्ष से तत्काल माफी मांगने तथा उनके शब्दों को सदन की कार्यवाही से हटाने की पुरजोर मांग की।

अध्यक्ष की चेतावनी और जकी का दो टूक जवाब

बढ़ते हंगामे को देखते हुए नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने हस्तक्षेप किया और कहा कि नेता प्रतिपक्ष द्वारा बिना किसी ठोस तथ्य या सबूत के इस तरह के अमर्यादित शब्दों का इस्तेमाल किया जाना बेहद आपत्तिजनक है। उन्होंने निर्देश दिए कि इन शब्दों को सदन की आधिकारिक कार्यवाही से विलोपित किया जाए और नेता प्रतिपक्ष इस पर अपनी माफी दर्ज कराएं। हालांकि, शबिस्ता जकी अपनी बात पर अड़ी रहीं और उन्होंने साफ शब्दों में कह दिया कि उन्होंने किसी पर व्यक्तिगत आरोप नहीं लगाया है और वे किसी भी कीमत पर माफी नहीं मांगेंगी। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि सदन की कार्यवाही को 15 मिनट के लिए स्थगित करना पड़ा।

विवादों के बीच कई बड़े प्रस्ताव बहुमत से पारित

लंबे हंगामे और स्थगन के बाद जब सदन की बैठक दोबारा शुरू हुई, तो नगर निगम के कई अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर भी चर्चा की गई। बैठक में नए नगर निगम मुख्यालय के सर्विस ब्लॉक और कैफेटेरिया को अधिकतम 20 साल के लिए किराए पर देने के प्रस्ताव को अंततः बहुमत के आधार पर पारित कर दिया गया। कांग्रेस पार्षदों ने इस एजेंडे पर भी कड़ा विरोध जताया, जबकि भाजपा पार्षदों ने इसे निगम की आय बढ़ाने वाला एक सकारात्मक कदम करार दिया। इसके अलावा, अमृत 2.0 योजना के तहत 493.49 करोड़ रुपए के ऋण प्रस्ताव पर भी सदन में लंबी चर्चा हुई। कांग्रेस पार्षदों ने बड़े तालाब में लगातार मिल रही गंदगी, पुराने शहर के तालाबों की उपेक्षा और ठेका कंपनी 'अंकित कंस्ट्रक्शन' की फाइलों की उच्चस्तरीय जांच कराने की जोरदार मांग उठाई, लेकिन तमाम विरोध के स्वरों के बीच ये सभी प्रस्ताव बहुमत के बल पर पारित कर दिए गए।

सोन चिरैया प्रस्ताव वापस और अध्यक्ष की सख्त हिदायत

बैठक के अंत में गर्ल्स कॉलेज के पास स्थित 'सोन चिरैया हॉर्स कॉर्नर' को किराए पर देने के पुराने प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई, जिस पर पिछले अगस्त में छात्राओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर आपत्तियां उठी थीं। इस बार प्रस्ताव में एजेंसी के लिए 24 घंटे सीसीटीवी कैमरे चालू रखने और सुरक्षा गार्ड तैनात करने जैसे कड़े प्रावधान जोड़े गए थे, लेकिन एमआईसी मेंबर जगदीश यादव ने इसमें कुछ और संशोधन करने की बात कहते हुए इस प्रस्ताव को फिलहाल वापस ले लिया। इसके बाद अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने भविष्य के लिए कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि सदन में बिना तथ्यों के किसी पर भी निराधार आरोप लगाना अस्वीकार्य है और यदि भविष्य में ऐसी गलती दोहराई गई, तो नियमों के तहत और अधिक कठोर कार्रवाई की जाएगी। अंत में अध्यक्ष द्वारा बैठक को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किए जाने की घोषणा कर दी गई।