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मध्यप्रदेश • 1 day ago Breaking

भोपाल-विदिशा हाइवे पर पहाड़ काटकर खत्म हो रहे अंधे मोड़: रत्नागिरी तिराहे से मोरी-कोड़ी तक होगा फोरलेन; 100 किमी प्रति घंटे की स्पीड से दौड़ेंगे वाहन

25 October 2026 • 08:25 am

मध्य प्रदेश के रायसेन और भोपाल क्षेत्र से गुजरने वाले यात्रियों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। भोपाल-विदिशा नेशनल हाइवे-146 पर सफर को पूरी तरह से सुरक्षित, सुगम और आधुनिक बनाने के लिए फोरलेन निर्माण का काम तेजी से चल रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत सड़क के अलाइनमेंट में बड़ा सुधार किया जा रहा है, जिसके चलते पहाड़ी इलाकों और घुमावदार रास्तों पर मौजूद खतरनाक 'अंधे मोड़ों' (Blind Turns) को पहाड़ काटकर पूरी तरह से खत्म किया जा रहा है। सड़क सीधी होने से वाहन चालकों को अब सामने से आने वाले वाहन दूर से ही दिखाई दे सकेंगे, जिससे सड़क हादसों की आशंका में भारी कमी आएगी।

रत्नागिरी तिराहे से मोरी-कोड़ी तक 42 किमी हिस्से का निर्माण

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अनुसार, भारतमाला परियोजना के अंतर्गत भोपाल के रत्नागिरी तिराहे से लेकर विदिशा के मोरी-कोड़ी तक नेशनल हाइवे-146 के कुल 42.040 किलोमीटर लंबे हिस्से को फोरलेन में बदला जा रहा है। इस आधुनिक परियोजना में पुराने मार्ग के कई खतरनाक हिस्सों का अलाइनमेंट पूरी तरह से बदलने के साथ-साथ नए बाइपास निर्माण के कार्य भी शामिल हैं। फोरलेन बन जाने के बाद इस व्यस्त मार्ग पर यातायात की क्षमता में कई गुना इजाफा होगा और वाहनों की आवाजाही पहले की तुलना में बेहद सुगम हो जाएगी।

100 किमी प्रति घंटे की डिजाइन गति के मानकों पर तैयार हो रहा मार्ग

यातायात को आधुनिक और तेज रफ्तार देने के लिए इस हाइवे को 100 किलोमीटर प्रति घंटे की डिजाइन गति (Design Speed) के मानकों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है। इसके लिए सड़क की चौड़ाई बढ़ाने के साथ-साथ उसके घुमावों और ढलानों को वैज्ञानिक तरीके से सुधारा जा रहा है। पहाड़ी हिस्सों में रास्ता सीधा हो जाने से वाहन चालकों को समय रहते सामने की स्थिति का अंदाजा लगाने और जरूरत पड़ने पर गति नियंत्रित करने में काफी आसानी होगी। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि सड़क पर वास्तविक और सुरक्षित गति हमेशा मौसम, यातायात के दबाव और उस पर लागू गति सीमा के नियमों के अनुसार ही तय होगी।

अंधे मोड़ों से मिलती थी निजात, अब हादसों पर लगेगा ब्रेक

गौरतलब है कि पुराने मार्ग पर पहाड़ी हिस्सों में कई तीखे और खतरनाक घुमाव थे, जहाँ सामने से आने वाले वाहन अचानक ओझल हो जाते थे। विशेष रूप से तेज रफ्तार वाहनों और भारी ट्रकों के लिए इन जगहों पर हमेशा गंभीर हादसों का खतरा बना रहता था। अब फोरलेन निर्माण के दौरान इन सभी हिस्सों की बनावट में क्रांतिकारी बदलाव किया जा रहा है, जिससे यात्रियों का सफर न केवल सुहाना होगा, बल्कि समय की भी भारी बचत होगी।