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मध्यप्रदेश • 4 days ago Breaking

कन्या भोज में बुलाई बच्चियों से मारपीट का आरोप: इंदौर में रिटायर्ड शिक्षिका के खिलाफ केस दर्ज, फ्लैट में बंधक बनाने और चोरी के शक में प्रताड़ित करने का गंभीर मामला

22 October 2026 • 05:57 pm

मध्य प्रदेश के इंदौर शहर से एक बेहद संवेदनशील, चौंकाने वाला और सनसनीखेज मामला सामने आया है। शहर के एमआईजी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली पॉश कॉलोनी शहनाई रेजिडेंसी में कन्या भोज के नाम पर फ्लैट में बुलाई गईं सात मासूम बच्चियों को बंधक बनाने, उनके साथ मारपीट करने और चोरी के झूठे आरोप में प्रताड़ित करने का गंभीर मामला प्रकाश में आया है। इस घटना के सामने आने के बाद से इलाके में भारी आक्रोश व्याप्त है। बच्चियों के परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 62 वर्षीय रिटायर्ड शिक्षिका अनीता मोहता के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं के तहत गंभीर मामला दर्ज कर लिया है और गहराई से जांच शुरू कर दी है।

परिजनों का आरोप: गिफ्ट और चॉकलेट का झांसा देकर चार घंटे तक फ्लैट में रखा बंद

घटना की जानकारी देते हुए पीड़ित बच्चियों के परिजनों ने बताया कि उनकी बेटियां और मोहल्ले की अन्य बच्चियां दोपहर करीब बारह बजे कन्या पूजन और भोज के सिलसिले में शहनाई रेजिडेंसी की सोसाइटी में गई थीं। वहां फ्लैट नंबर 303 में रहने वाली रिटायर्ड शिक्षिका अनीता मोहता ने बच्चियों को गिफ्ट, चॉकलेट और प्रसाद देने के बहाने अपने फ्लैट के अंदर बुलाया। परिजनों का गंभीर आरोप है कि फ्लैट के अंदर ले जाने के बाद शिक्षिका ने बच्चियों को करीब चार घंटे तक बाहर नहीं आने दिया और उन्हें अंदर ही बंधक बना लिया।

जब काफी देर तक बच्चियां अपने घरों को नहीं लौटीं, तो चिंतित परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। तलाशते हुए जब परिजन शहनाई रेजिडेंसी पहुंचे और संबंधित फ्लैट का दरवाजा खटखटाया, तो बच्चियां रोते-बिलखते हुए बाहर आईं। परिजनों का यह भी आरोप है कि शिक्षिका ने बच्चियों पर जबरन दबाव डालकर और वीडियो बनवाकर यह कहलवाने की कोशिश की कि उन्होंने ही रुपये चुराए हैं। डरी-सहमी बच्चियों की हालत देखकर परिजनों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद एमआईजी थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और देर रात करीब तीन बजे तक बच्चियों का मेडिकल परीक्षण कराया गया।

शिक्षिका का पक्ष: मंदिर से रुपये गायब होने पर की थी पूछताछ, मारपीट के आरोप झूठे

दूसरी ओर, जब मीडिया और पुलिस की टीम ने फ्लैट नंबर 303 में रहने वाली रिटायर्ड शिक्षिका अनीता मोहता से उनका पक्ष जानने के लिए संपर्क किया, तो उन्होंने परिजनों द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। शिक्षिका ने सफाई देते हुए कहा कि बच्चियां उनके बुलाने पर नहीं, बल्कि खुद उनके फ्लैट पर आई थीं और उन्होंने ही प्रसाद व खाने की मांग की थी, जिस पर उन्होंने उन्हें अंदर बैठाकर दाल-चावल बनाने को कहा था।

अनीता मोहता का दावा है कि इसी दौरान उन्हें यह अहसास हुआ कि उनके घर के मंदिर में रखे कुछ रुपये और लिफाफे गायब हैं। जब उन्होंने बच्चियों से इसके बारे में पूछताछ की, तो एक बच्ची ने इशारा करते हुए रुपये लेने की बात स्वीकार की थी और किसी को नहीं बताने का आग्रह किया था। शिक्षिका ने बच्चियों के साथ किसी भी प्रकार की मारपीट करने, उनके कपड़े उतारने या उन्हें चार घंटे तक बंधक बनाकर रखने के सभी आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि उन्होंने किसी को प्रताड़ित नहीं किया, बल्कि सिर्फ अपनी चोरी हुई रकम के बारे में पूछताछ की थी।

पुलिस जांच और मेडिकल रिपोर्ट

मामले की गंभीरता को देखते हुए एमआईजी थाना पुलिस ने दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर लिए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बच्चियों के परिजनों की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है तथा उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से पूरे घटनाक्रम की सत्यता की जांच की जा रही है। हालांकि, शुरुआती मेडिकल रिपोर्ट में बच्चियों के शरीर पर मारपीट से जुड़ी किसी गंभीर बाहरी चोट की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन मानसिक प्रताड़ना और बंधक बनाने के एंगल पर पुलिस बारीकी से छानबीन कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि असल सच्चाई क्या है।