पीथमपुर में ट्रॉले की टक्कर से तीन स्कूली छात्रों की दर्दनाक मौत: दो सगे भाइयों और मौसेरी बहन की गई जान, चक्काजाम के कारण नहीं आई थी बस
22 October 2026 • 05:04 pm

मध्य प्रदेश के धार जिले के औद्योगिक शहर पीथमपुर से एक बेहद मर्माहत करने वाली और झकझोर देने वाली बड़ी खबर सामने आई है। गुरुवार की दोपहर करीब दो बजे एक तेज रफ्तार ट्रॉले ने बाइक पर सवार होकर स्कूल से घर लौट रहे तीन मासूम बच्चों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे तीनों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस भीषण हादसे में मरने वाले बच्चों में दो सगे भाई और उनकी मौसेरी बहन शामिल हैं। दुर्घटना इतनी भयानक थी कि टक्कर के बाद बच्चों के शव और मोटरसाइकिल सड़क पर दूर तक घिसटते चले गए, जिससे मौके पर ही उनके प्राण पखेरू उड़ गए। इस हृदयविदारक घटना के बाद से पूरे इलाके में मातम पसर गया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
सड़क पर बिखरे मिले स्कूल बैग, किताबें और जूते
प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के अनुसार, तीनों बच्चे पीथमपुर के सेंट फ्रांसिस स्कूल में पढ़ाई करते थे। गुरुवार को दोपहर में जब वे अपनी बाइक से घर लौट रहे थे, तभी पीथमपुर के महेंद्रा ब्रिज के पास एक अनियंत्रित और तेज रफ्तार ट्रॉले ने उन्हें कुचल दिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बच्चों के शव क्षत-विक्षत हो गए और सड़क पर उनके स्कूल बैग, कॉपियां, किताबें और जूते-मोजे दूर-दूर तक बिखर गए। हादसे के बाद हाइवे पर भारी भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और बाइक के नंबर के आधार पर बच्चों की शिनाख्त कर उनके परिजनों को इसकी मनहूस सूचना दी। इसके बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए पीथमपुर सिविल अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने ट्रॉला जब्त कर लिया है, हालांकि चालक मौके से फरार होने में कामयाब रहा, जिसकी तलाश की जा रही है।

चक्काजाम के कारण स्कूल बस नहीं मिलने से बाइक से गए थे बच्चे
इस पूरे हादसे के पीछे एक बेहद दर्दनाक और व्यवस्था पर सवाल उठाने वाला पहलू भी सामने आया है। बच्चों के परिजनों और स्थानीय रहवासियों ने बताया कि गुरुवार की सुबह रॉयल टाउन कॉलोनी के करीब 500 परिवारों ने पिछले चार-पांच दिनों से बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं न मिलने से त्रस्त होकर महू-नीमच हाइवे पर जोरदार चक्काजाम कर दिया था। इस प्रदर्शन के कारण हाइवे पर करीब तीन घंटे तक वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं और एक किलोमीटर के दायरे में स्कूल बसें भी फंसी रहीं। चक्काजाम और रूट बाधित होने के कारण स्कूल बसें बच्चों को लेने नहीं पहुंच पाई थीं। इसी वजह से नौवीं कक्षा में पढ़ने वाले प्रियांश अपने छोटे भाई पांचवीं कक्षा के छात्र मोक्ष और अपनी मौसेरी बहन सातवीं कक्षा की छात्रा आरुषि राजक को स्कूल से लेने खुद बाइक लेकर गया था। स्कूल से वापसी के दौरान ही यह काल का ग्रास बना देने वाला हादसा हो गया।

कॉलोनी में बुनियादी सुविधाओं का अभाव, प्रशासन की कार्रवाई
स्थानीय निवासियों ने बताया कि रॉयल टाउन कॉलोनी को बसे हुए करीब 17 साल हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद यहाँ के लोग बिजली और पानी जैसी मूलभूत आवश्यकताओं के लिए रोजाना संघर्ष करने को मजबूर हैं। हर महीने नियमित रूप से बिजली बिल भरने के बाद भी बिजली आपूर्ति ठप रहती है। सुबह के समय हुए इसी विरोध प्रदर्शन के बाद मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों और एसडीएम ने रहवासियों से चर्चा की और जल्द समाधान का आश्वासन देकर चक्काजाम समाप्त कराया था। प्रशासन ने कॉलोनी में बिना अनुमति के चल रहे एक जलपान रेस्टोरेंट को सील कर दिया है और कॉलोनाइजर की विकास अनुमति तथा अन्य अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। बहरहाल, इस भीषण सड़क हादसे ने एक तरफ जहां तीन मासूमों की जान ले ली है, वहीं दूसरी ओर प्रशासनिक व्यवस्था और स्थानीय समस्याओं को लेकर जनता में गहरा आक्रोश व्याप्त है।

