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दमोह• about 9 hours ago Breaking

इंजेक्शन लगने के बाद महिला की संदिग्ध हालत में मौत: सर्दी-जुकाम के इलाज के लिए गई थीं फूल रानी, परिजनों ने झोलाछाप डॉक्टर पर लगाया गंभीर आरोप

26 October 2026 • 07:10 am

मध्य प्रदेश के दमोह जिले से स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोलती और झोलाछाप डॉक्टरों के लापरवाह रवैये को उजागर करती एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। जिले के हिंडोरिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले भदौली गांव में रविवार रात एक 55 वर्षीय महिला फूल रानी पटेल की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि गांव के ही एक झोलाछाप डॉक्टर द्वारा सर्दी-जुकाम के इलाज के दौरान गलत इंजेक्शन और दवाइयां दिए जाने के कारण महिला की तबीयत अचानक तेजी से बिगड़ी और उसकी जान चली गई। इस घटना के बाद से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है और उन्होंने आरोपी झोलाछाप डॉक्टर के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

सर्दी-जुकाम का इलाज कराने गई थीं फूल रानी

मृतका के परिजन चुरामन पटेल ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि 55 वर्षीय फूल रानी पटेल को पिछले कुछ दिनों से सर्दी-जुकाम की शिकायत थी। रविवार को वह गांव के ही रहने वाले गोलू पटेल नामक एक झोलाछाप डॉक्टर के पास अपना इलाज कराने गई थीं। आरोप है कि झोलाछाप डॉक्टर ने बिना किसी वैध डिग्री या उचित चिकित्सकीय ज्ञान के उन्हें कुछ दवाइयां दीं और एक इंजेक्शन लगाया। इलाज के बाद जब फूल रानी अपने घर लौटीं, तो कुछ ही देर बाद उनकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी और उन्हें असहजता महसूस होने लगी।

जिला अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने किया मृत घोषित

परिजनों के अनुसार, जब महिला की हालत गंभीर होने लगी, तो वे शाम के वक्त उन्हें लेकर तुरंत उसी झोलाछाप डॉक्टर के पास पहुंचे। डॉक्टर ने मरीज की बिगड़ती हालत को देखकर अपना पल्ला झाड़ लिया और उन्हें तुरंत जिला अस्पताल ले जाने की सलाह दी। परिजन बिना देर किए उन्हें लेकर दमोह जिला अस्पताल पहुँचे, लेकिन वहाँ पहुँचने पर डॉक्टरों ने स्वास्थ्य परीक्षण के बाद फूल रानी को मृत घोषित कर दिया। अचानक हुई इस मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

पोस्टमार्टम के बाद स्पष्ट होगा मौत का असली कारण

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल की मर्चुरी में सुरक्षित रखवाया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सोमवार सुबह पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। मौत का असल और पुख्ता कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल पुलिस ने परिजनों के बयानों और शिकायतों के आधार पर मामले की गहराई से जांच शुरू कर दी है, और झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों के बीच इस घटना ने ग्रामीण इलाकों में अवैध रूप से प्रैक्टिस कर रहे ऐसे झोलाछाप तत्वों की पोल खोलकर रख दी है।