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मध्यप्रदेश • 4 days ago Breaking

ग्वालियर सड़क हादसे के पीड़ितों को बड़ी राहत: नगर निगम परिषद का मानवीय निर्णय, हर मृतक के परिजन को आउटसोर्सिंग पर मिलेगी नौकरी

22 October 2026 • 06:19 pm

मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में शीतला माता मंदिर के समीप हुए भीषण और मर्माहत करने वाले सड़क हादसे के मामले में नगर निगम परिषद की बैठक के दौरान एक बेहद संवेदनशील और बड़ा निर्णय लिया गया है। इस वीभत्स दुर्घटना में अपनी जान गंवाने वाले 16 श्रद्धालुओं के शोक प्रस्ताव पर सदन में विस्तार से मंथन किया गया। चर्चा के दौरान सभी पार्षदों ने एकमत होकर यह फैसला लिया कि प्रत्येक मृतक परिवार के कम से कम एक सदस्य को नगर निगम में आउटसोर्सिंग के माध्यम से नियमित रोजगार मुहैया कराया जाएगा, ताकि इस आपदा से जूझ रहे परिवारों को आर्थिक संबल मिल सके। इसके साथ ही हादसे में गंभीर रूप से जख्मी हुए लोगों को हरसंभव चिकित्सीय और आर्थिक सहायता देने की भी पूरी प्रतिबद्धता दोहराई गई। राहत की बात यह रही कि इस अहम मसले पर सत्तापक्ष और विपक्ष के तमाम पार्षद पूरी तरह एकजुट नजर आए।

सुरक्षा तंत्र और प्रशासनिक चूक पर महापौर के तीखे सवाल

इस हृदयविदरक घटना के बाद नगर निगम की महापौर डॉ. शोभा सिकरवार ने स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यप्रणाली की सुस्ती पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कड़े शब्दों में यह आपत्ति दर्ज कराई कि जब शीतला माता मंदिर की ओर जाने वाले उस विशेष मार्ग पर दोपहिया और चारपहिया वाहनों का आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित है, तो फिर भारी-भरकम धान से लदा ट्रक वहां तक कैसे पहुंच गया? महापौर ने इस पूरी घटना को सुरक्षा में एक बड़ी चूक करार देते हुए इसकी उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की पुरजोर मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति को पूरी तरह रोका जा सके।

नगर निगम अध्यक्ष और परिषद का संयुक्त संकल्प

नगर निगम के अध्यक्ष मनोज सिंह ने पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें हरसंभव प्रशासनिक सहयोग का पूरा भरोसा दिलाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि निगम परिषद द्वारा लिया गया यह निर्णय इस भारी त्रासदी से बुरी तरह प्रभावित परिवारों के जीवन में थोड़ा उजाला लाने का एक प्रयास है, ताकि वे इस कठिन समय में अपने परिवार का भरण-पोषण कर सकें।

बीती 18 अक्टूबर की रात हुआ था दिल दहला देने वाला हादसा

गौरतलब है कि यह खौफनाक हादसा बीती 18 अक्टूबर की देर रात करीब 1:30 बजे चीनौर रोड स्थित ढलान के पास घटित हुआ था। शीतला माता मंदिर में दर्शन और अनुष्ठान के लिए पहुंचे 57 श्रद्धालु सड़क किनारे कतारबद्ध होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे, तभी चीनौर की तरफ से आ रहा धान से भरा एक तेज रफ्तार ट्रक लगभग 90 डिग्री के खतरनाक ढलान पर पूरी तरह अनियंत्रित हो गया। बताया गया कि ड्राइवर गूगल मैप के सहारे ट्रक चला रहा था, जो ढलान पर पुलिस चेकपोस्ट को रौंदते हुए सीधे श्रद्धालुओं के ऊपर जा चढ़ा और मंदिर की बाहरी दीवार व मुख्य गेट से जा टकराया।

इस जबरदस्त टक्कर से मंदिर का एक हिस्सा ढह गया और कई लोग मलबे तथा ट्रक के नीचे दब गए। इस भीषण हादसे में 9 पुरुषों, 1 महिला और 5 बच्चों समेत कुल 16 लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो पुलिसकर्मियों समेत 42 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका इलाज जयारोग्य अस्पताल में चल रहा है। इस मामले में पुलिस ने लापरवाही बरतने वाले ट्रक ड्राइवर और वाहन मालिक को गिरफ्तार कर लिया है, वहीं सरकार ने कड़े कदम उठाते हुए सिटी एसपी को हटाने के साथ-साथ चार थाना प्रभारियों सहित कुल 8 अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है।