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सागर• about 1 hour ago Breaking

केसली को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग को लेकर कांग्रेस का आंदोलन, किसानों ने की भूख हड़ताल

27 October 2026 • 04:39 pm

सागर जिले के केसली ब्लॉक में किसानों की गंभीर समस्याओं और संकटपूर्ण हालातों को लेकर कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व में एक दिवसीय शांतिपूर्ण भूख हड़ताल एवं जन आंदोलन का आयोजन किया गया। इस दौरान क्षेत्र के सैकड़ों किसानों एवं स्थानीय नागरिकों ने एकजुट होकर महामहिम राष्ट्रपति के नाम संबोधित एक विस्तृत ज्ञापन अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) के माध्यम से सौंपा, जिसमें किसानों के हितों से जुड़ी समस्याओं के तत्काल और पुख्ता निराकरण की पुरजोर मांग की गई।

प्रमुख नेताओं ने उठाई किसानों की आवाज

इस जन आंदोलन के दौरान मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता रवि सक्सेना, संगठन मंत्री रामकुमार पचौरी और पूर्व विधायक सुनील जैन ने किसानों की मांगों को अत्यंत प्रमुखता से रखते हुए शासन और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। वक्ताओं ने दो टूक शब्दों में कहा कि इस वक्त अन्नदाता गंभीर आर्थिक और मानसिक संकट से जूझ रहा है, लेकिन प्रशासन मौन साधे बैठा है।

ज्ञापन के माध्यम से मुख्य रूप से निम्नलिखित मांगें उठाई गईं:

  • केसली ब्लॉक को सूखाग्रस्त घोषित किया जाए: क्षेत्र में हुई कम वर्षा और फसलों की बदहाली को देखते हुए पूरे ब्लॉक को तत्काल सूखाग्रस्त घोषित कर किसानों को उचित राहत राशि और फसल बीमा का लाभ प्रदान किया जाए।

  • खाद-बीज की कालाबाजारी पर रोक: रबी सीजन की शुरुआत के बीच किसानों को समय पर और पर्याप्त मात्रा में खाद तथा उत्तम गुणवत्ता का बीज उपलब्ध कराया जाए, साथ ही कालाबाजारी करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो।

  • सिंचाई के लिए नियमित बिजली: कृषि कार्यों के लिए किसानों को कम से कम 10 घंटे नियमित और निर्बाध बिजली उपलब्ध कराई जाए, ताकि फसलों की सिंचाई समय पर हो सके।

  • उत्पीड़न पर रोक: किसानों की जायज और लोकतांत्रिक मांगों को उठाने पर कथित प्रशासनिक दबाव, झूठे प्रकरण दर्ज किए जाने और उनके उत्पीड़न की घटनाओं पर तत्काल रोक लगाई जाए।

फसलों की बर्बादी और किसानों का दर्द

किसानों ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए बताया कि इस वर्ष अपर्याप्त वर्षा, समय पर खाद की भारी किल्लत, बिजली की अघोषित और लंबी कटौतियों तथा सिंचाई के पर्याप्त साधनों के अभाव के कारण उनकी खड़ी फसलें बर्बाद होने के कगार पर पहुंच चुकी हैं। किसानों के सामने अपने परिवार के भरण-पोषण और आगामी बुवाई को लेकर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। इसके अलावा नहरों व अन्य जल स्रोतों की समुचित व्यवस्था न होने से भी खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है।

प्रशासन को चेतावनी और बड़ी संख्या में उपस्थिति

आंदोलन के अंत में चेतावनी दी गई कि यदि शासन-प्रशासन ने समय रहते किसानों की इन समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान नहीं किया, तो क्षेत्र के किसान और अधिक व्यापक एवं उग्र आंदोलन करने के लिए विवश होंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

इस विरोध प्रदर्शन और भूख हड़ताल के दौरान मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता रवि सक्सेना, संगठन मंत्री रामकुमार पचौरी, पूर्व विधायक सुनील जैन, मुकुल पुरोहित, सुरेंद्र सुहाने, प्रशांत समैया, मीना पटेल, वीरेंद्र लोधी, नीलोफर चमन अंसारी, पार्षद रोशनी वसीम खान, रेखा अहिरवाल, पवन पटेल, पार्षद तारिक मासाब, ज्योति मलैया, रेखा सोनी, अजीम खान, रहीम खान, चंद्रशेखर दुबे, अनिल सोंधिया, संतोष पाराशर, इंद्रजीत नामदेव, कमलेश, घनश्याम लोधी, तेजबल लोधी, डॉ. वीरेंद्र लोधी, जानकी लोधी, रितेश, संतु जैन, अनिरुद्ध सिंह, अंजनी फौजदार, टी. आर. घोषी एवं अरविंद भाई सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, अन्नदाता किसान और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।